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साहित्य
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साधना पथ - यों लाएं मंत्र जप में एकाग्रता

Deepak Acharya
Deepak Acharya
October 28, 2022
साधना पथ -  यों लाएं मंत्र जप में एकाग्रता

मंत्र जप में मन नहीं लग रहा हो तो 30 बार अपने ईष्ट मंत्र से अनुलोम-विलोम कर लें। इसके बाद जप से पूर्व नाक से पूरी हवा बाहर निकाल कर जितने समय संभव हो, सांस को बाहर रोके रख कर यथाशक्ति जितने मंत्र जप कर सकते हों कर लें, फिर फेफड़ों में सांस भरकर यथाशक्ति जप करें।

ऐसा 10 बार कर लेने के उपरान्त अपने आप जप में मन लग जाएगा और अच्छा अनुभव भी होगा। इससे आसानी से ध्यान लगना भी शुरू हो जाएगा। मंत्र जप करते समय यह भावना भी करें कि जप के साथ ही मंत्र अपने आभा मण्डल के चारों ओर दिव्य कवच का निर्माण कर रहा है। इससे अच्छी अनुभूति होगी। मंत्र लिख कर उस पर त्राटक करने से भी जप के प्रति मन लगना आरंभ हो जाता है।

ध्यान करने के लिए सुषुम्ना नाड़ी प्रभावी है। जब सुषुम्ना का प्रवाह हो तब थोड़ी सी देर ध्यान कर लिए जाने पर भी अवर्णनीय अनुभूति होती है। सुषुम्ना नाड़ी को चलाना चाहें तो खड़े होकर क्रमशः अपने बांये व दांये पैर की एड़ी को पीछे से पुट्ठों पर जोर से टक्कर दें। इससे कुछ ही सैकण्ड में सुषुम्ना आरंभ हो जाएगी। इसके बाद ध्यान का अभ्यास करें।