मैं डॉ. दीपक आचार्य (पीएच.डी. हिंदी साहित्य), शब्दों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और साहित्य की अनमोल धरोहर को सहेजने का प्रयास कर रहा हूँ।
साहित्य और शोध की दुनिया से ताज़ा लेख।
श्रेणी चुनें:
श्री मणि बावरा की परम्परा समा गई इतिहास के पन्नों में विद्वानों के प्रदेश कहे जाने वाग्वर यानि की वागड़ अंचल में संस्कृत...
कल्कि अवतार वाले मन्दिर में अनूठे आयोजनों से होता है माघ महोत्सव का श्रीगणेश आम्र मंजरियों की मादक महक, फूली-पीली सरसों...
प्राच्यविद्यामर्मज्ञ डॉ. भगवतीशंकर व्यास से बातचीत के प्रमुख अंश अधर्म को बढ़ावा दे रहा है शास्त्रविहित मर्यादाओं का उल्ल...
स्वामी विवेकानन्द - भाषणों और उपदेशों से कुछ होने वाला नहीं, उन जैसा बनें या बनाएं स्वामी विवेकानन्द जयन्ती युवा दिवस प...
स्वातंत्रय चेतना के पुरोधा व शिक्षा, संस्कृति और साहित्य धाराओं के संवाहक भगीरथ वागड़ का इतिहास कई गौरवशाली शख़्सियतों से...
राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात की लोक सांस्कृतिक परम्पराओं और मनोहारी जनजीवन का केन्द्र सरहदी बाँसवाड़ा जिला मन्दिरों, मे...
यह बात है 02 सितम्बर 2002 की। इस दिन राजस्थान-गुजरात सरहद पर अवस्थित मानगढ़ धाम पर बनाए गए शहीद स्मारक का लोकार्पण राजस्थ...
राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश की लोक संस्कृतियों का त्रिवेणी संगम वागड़ लोक परम्पराओं, सांस्कृतिक रसों और जन-जीवन के इन्...
दुर्लभ मनुष्य जन्म मिलने के उद्देश्य को भूलकर आजकल हम छोटे-छोटे तुच्छ स्वार्थों के लिए मरे जा रहे हैं और इसके लिए टोने-ट...
अपार सौन्दर्य का दिग्दर्शन करा रहा है हमारा अपना शहर हमारा शहर कई मामलों में निराला है। यहां अनुपम प्राकृतिक एवं परिवेशी...
सब जगह धींगामस्ती और अवरोधक के रूप में जहां-तहां अड़े, खड़े और जगह रोक कर बैठे हुए अवधिपारों की जबर्दस्त भरमार है जो कि अप...
देश-दुनिया में इंसानों की कई सारी तरह-तरह की प्रजातियों में कई प्रकार की विलक्षण मेधा-प्रज्ञा और बहुआयामी प्रतिभाएं पायी...
सेवा और परोपकार ही है जीवन लक्ष्य, लोकमंगल के लिए समर्पित विभूति दिखने में अत्यन्त साधारण सा सादगीपूर्ण एवं मिलनसार व्य...
पूरा देश दीवाली पर्व समुच्चय की रंगत में रचा-बसा और खोया हुआ है। हर कोई लक्ष्मी को रिझाने में लगा है। चाहता है कैद कर ले...
तरकीब का तानपुरा बात पक्की और सौ फीसदी सच है। सरकारी जँवाइयों और फूफे-फूफियों के नखरे भी खूब होते हैं और बहाने भी, और त...
बर्दाश्तगी के बाहर है यह उन्मुक्त स्वेच्छाचार समाज हो या कोई सी सामाजिक, धार्मिक या रचनात्मक संस्था अथवा कोई सा संगठन। इ...
पूरे देश में ऐसे तथाकथित बुद्धिजीवियों की भरमार है जिनका समाज और देश की उन्नति, सेवा और परोपकार से कोई लेना-देना नहीं। अ...
समाज, क्षेत्र या देश के लिए जिनका कोई चिन्तन नहीं, कुछ काम या सहयोग करने का भाव नहीं, वे अपने आपको बुद्धिजीवी मानते हुए ...
इतिहास और सत्य में कहीं कोई मिलावट नहीं होती। ये जैसे होते हैं वैसे ही समुदाय के सामने परोसना चाहिए ताकि वर्तमान को हमेश...
आपसी संवाद - सरकारी टीचर प्राईवेट स्कूल टीचर से - यार वाकई, तुम्हारी जिन्दगी भी जोरदार है। अभी दो साल हुए नहीं कि कार खर...
शिक्षक दिवस पर ज्ञान प्रसार और नई पीढ़ी के सुनहरे भविष्य निर्माण के लिए अहर्निश समर्पित परम पूज्य स्वामी रामानन्द सरस्वती...
बात उन दिनों की है जब साक्षरता अभियान अपने परवान पर था। उन दिनों मैं जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी (पीआरओ) के पद पर ब...
खिलौनों की तरह बिक रहे हैं, दिए जा रहे हैं श्रीयन्त्र सनातन के मूल मर्म, पुरातन साधना पद्धतियों से अनजान और धर्म की धंध...
प्रत्येक मनुष्य का सर्वोपरि परम कर्त्तव्य और जीवन लक्ष्य यही है कि वह ‘‘पुनरपि जननं पुनरपि मरणं पुनरपि जननी जठरे शयनं’’ ...
कितना दुर्भाग्य है कि गौसंतों और गौभक्तों को गौवंश तस्करी और गौहत्या पर पाबन्दी के लिए संघर्ष करने को विवश होना पड़ रहा ह...
अनिष्टकारी है भाद्रपद चतुर्थी का चन्द्र दर्शन चन्द्रमा आरंभ से पूजनीय और प्रिय रहा है। रोमांस और प्यार का कोई भी आयाम ...
स्वार्थ के झींगुर गा रहे दासता के तराने जिस ज़ज़्बे के साथ स्वाधीनता पाने के लिए हमारे पुरखों ने संघर्ष और बलिदान का इतिह...
सनातन के छछून्दरों की धमाल इन दिनों श्रावण मास चल रहा है। इसका समापन होने के उपरान्त इस माह भर के व्रत को लेकर सामूहिक भ...
परवान पर है मूर्ख शिवभक्तों और पुजारियों का पागलपन कुछ वर्ष से धर्म का बोलबाला इतना ज्यादा हो गया है कि इसे देख हैरत होत...
आम तौर पर देखा गया है कि किसी भी दिवंगत की पगड़ी रस्म का कार्यक्रम हो, इसमें शामिल होने वाले खूब सारे लोग उस दिन होने वाल...
भक्ति में रमे हुए भक्त भजनों और आरतियों में इन वाक्यों का गान बड़ी ही श्रृद्धा और भक्तिभाव से करते हैं - अब सौंप दिया इस ...
महानतम एवं ओजस्वी राष्ट्रवादी विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के त्याग, तपस्या और कठिनतम संघर्षों का फल आज लोग भोग रहे है...
कोई सा पारिवारिक, सामाजिक, धार्मिक या सार्वजनिक आयोजन हो, पगड़ी रस्म हो या शुभाशुभ प्रसंगों पर मेल-मिलाप या सामूहिक कार्य...
यह सच है कि कोई सा समाज हो, इसका संगठन बनाए रखना और नेतृत्व करना मुश्किलों से भरा है लेकिन निष्ठा और समर्पण के साथ प्रया...
छद्म राष्ट्रवाद और दिखावटी गौभक्ति का खुला ताण्डव भगवा सरकारों का निकम्मापन उजागर पिछले कुछ दिनों से गौवंश की तस्करी औ...
प्रायःतर देखा गया है कि वैवाहिक प्रोसेशन और अन्य मांगलिक आयोजनों, उत्सवों में नोट उछाल कर समृद्ध और दानी होने का पाखण्ड ...
सरकारी जँवाइयों की तरह-तरह की विचित्र किस्मों में सर्वाधिक संख्या उनकी है जो मौकापरस्त हैं और अवसरवादी मानसिकता के मामले...
अलादीन आखिर अलादीन है। इसे जन्नत पाए जाने कितने सौ बरस निकल गये होंगे पर उसका नाम है कि मिन्नतें पूरी कर देने वाले रुहान...
समाज को भयभीत कर रहा है धंधेबाजों का गोरखधंधा कालसर्प का कोई अस्तित्व नहीं है और न इसकी कोई प्रामाणिकता। यह सिर्फ धंधेबा...
पिछले कुछ समय से धर्म के नाम पर जिस तरह से धार्मिक क्रियाकलापों का जोर देखा जा रहा है, उत्सवों, मनोरंजन, फैशनी धूम-धड़ाको...
पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि भक्तों को अब भगवान की शक्ति पर भरोसा नहीं रहा। वे भगवान को विकलांग समझने लगे हैं तभी ...
हम सभी लोग राजस्थान दिवस के आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की गौरवगाथाओं के गान में रमे हुए हैं। यह राजस्थान की स्थापना से...
एक तरफ पूरे देश में संविधान की रक्षा, साम्प्रदायिकता के उन्मूलन और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धान्तों और मूल्यों को अंगीकार क...
त्योहारों और पर्वां के राजकीय अवकाशों तथा सार्वजनिक अवकाशों में सरकारी कार्यक्रमों, समारोहों और बैठकों का आयोजन शासन-प्र...
मूँछपर गर्व करेंया पूँछ परइतराएँ, पसंद अपनी-अपनी संसार में उदासीनों और यथास्थितिवादी जड़ लोगों को छोड़ दिया जाए तो दो तरह...
जरा सोचें कि भगवान द्वारा दी गई बुद्धि का हम कितना इस्तेमाल करते हैं। हम सारे भेड़ों की रेवड़ों या भीड़ का हिस्सा होकर रह ग...
वो पीढ़ी अब लुप्तप्रायः ही होती जा रही है जिसमें ऐसे-ऐसे जीवट व्यक्तित्व भरे मेधा-प्रज्ञा सम्पन्न भारी-भरकम लोग हुआ करते ...
होली का पर्व हो और ‘होली का बाहशाह-होली का बादशाह’ की गूंज न हो तो वो होली कैसी। होली का यह बादशाह पता नहीं जाने कितनी स...
बुरा न मानो होली है बाहर जब हो ली है, हो ली है, की लगातार आवाजें सुनाई देती हैं तब मस्तिष्क कौंध जाता है। आखिर कौन किसक...
लो फिर आ गई होली। होली यही कहने आयी है कि यह उमंग और मस्ती भरा माहौल सिर्फ दो दिन ही क्यों बना रहे। हम ऐसा कुछ क्यों न क...
पत्थरों की बरसात से खेली जाती है होली देश के विभिन्न हिस्सों में होली विभिन्न परम्पराओं के साथ मनायी जाती है। सभी स्थान...
धींगामस्ती कर रही ढूण्ढा उस जमाने में दानवी संस्कृति के परिचायक हिरण्यकश्यप भी थे और सत्ता के मद भरी फायरप्रूफ होलिकाएं ...
उमड़ता है मौज-मस्ती और सामाजिक सौहार्द का मनोरम ज्वार आनन्द पाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहना मनुष्य का मौलिक स्वभाव है...
फागुनी हवाएँ गा रहीं श्रृंगार के गीत आम तौर पर होली को दो-चार दिन का त्योहार माना जाता है लेकिन राजस्थान का मालवा और गु...
अमराइयों में कूकती कोयल ने बसन्त के आगमन का संदेश दिया, प्रकृति ने धानी चूनर ओढ़ी, खेतों में फूली पीली सरसों ने मादक रंग ...
मंत्र मुग्ध कर देता है सदियों पुरानी रोचक परम्पराओं का दिग्दर्शन वागड़ अंचल की लोक सांस्कृतिक परम्पराओं में होली के रंगो...
राजनेताओं के लिए भीड़ प्राणवायु का काम करती है। उन्हें हर कहीं भीड़ चाहिए। भारी भीड़ हो तभी उन्हें लगता है कि उनकी लोकप्रिय...
राज्य और केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्थान के लिए योजनाओं और कार्यक्रमों की कहीं कोई कमी न...
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष पेशाब आने से डर कर पानी नहीं पीती महिलाएँ, सुविधालयों का अभाव देश की महिलाओं को धकेल...
रूढ़ियों के जंगल में कैद है नारी, चाहती है शक्ति सामर्थ्य भरा पूर्ण आभामण्डल कुछ फीसदी ग्लैमरस सन्नारियों के सफल जीवन और...
संस्मरणात्मक आत्मकथ्य - राजकाज का रायता राजा-महाराजाओं से लेकर लोकतंत्र के शहंशाहों तक न चापलूस राग दरबारियों की कोई कमी...
धार्मिक सामाजिक और आंचलिक संस्थाओं और कार्यक्रमों में किसम-किसम के सहभागियों का समावेश होता है। और यह स्वाभाविक ही है कि...
सरकार के ब्लॉक, उपखण्ड और जिला कार्यालयों में लगभग साल भर ही कंट्रोल रूम का संचालन होता है। कभी चुनाव, परीक्षाओं के नाम ...
सतयुग, त्रेता और द्वापर युग में चाहे कौनसे भी मंत्र तारक, उद्धारक और पालक रहे होंगे मगर इस कलियुग में दो-तीन ही शब्द महा...
मेवाड़ और वागड़ में शक्ति उपासना का इतिहास सदियों पुराना है। इस अंचल में हर कहीं देवी के प्राचीन मन्दिरों और स्थानकों की ल...
पूर्वकाल में जमीन के अंदर रहने वाले तमाम प्रजातियों के साँप अब मुँह निकाल कर बाहर आ चुके हैं। उन साँपों के केवल मूँछें ह...
व्यस्तता हर व्यक्ति के साथ जीवन भर लगी रहती है लेकिन व्यस्तता के बीच हम थोड़े क्षण भगवत् स्मरण और ध्यान के लिए निकाल लें ...
बहुत सारे लोग हैं जो अपनी गाँठ का धेला भर कभी खर्च नहीं करते। इनका ध्यान हमेशा इसी पर टिका होता है कि जो कुछ उनके लिए हो...
हिंसा से कम नहीं है फालतू की पोस्ट करना, कचरा परिवहन से दूर रहें आत्म अनुशासन सर्वोपरि है। पर बुद्धिजीवियों की सबसे बड़ी ...
यह जरूरी नहीं कि अनिष्टकारी ग्रह-नक्षत्र अदृश्य रूप से ही हमें परेशान करें। अक्सर ऎसा भी होता है कि यह अनिष्टकारी शक्तिय...
आजकल फादर (पिता) होने का अर्थ उसी महान इंसान से नहीं रह गया है जिसकी वजह से हम संसार में आए हैं। भीड़ में खूब सारे चेहरे ...
खूब सारे ऐसे लोगों की हर तरफ भरमार है जिनका दिन ही तब शुरू होता है जब अखबारों में न्यूज और फोटो दिखे। अन्यथा नींद उड़ती न...
दरबारियों और अफसरों की जितनी अधिक प्रजातियां देश-दुनिया में विद्यमान रही हैं, उसके अनुपात में अफसरों के किस्से और कहानिय...
स्पष्टीकरण लोग बेजा आरोप लगाते हैं मुझ पर कि मैं उठाईगिरों को कुत्ते कहता रहा हूँ। मैं बार-बार कह चुका हूँ कि मैंने आवा...
बुजुर्गों के मुँह से सुनी जाने वाली पुरानी बातों में जीवन के अनुभवों, अर्जित ज्ञान और लोक व्यवहार से लेकर बहुआयामी जीवन ...
जहाँ हर दिन वासन्ती उल्लास से भरा हो, हर रंग-रस बिना किसी संकोच के भरपूर बरसते रहते हों, और व्यक्तित्व इतना अधिक इन्द्रध...
प्रकृति का सम्मान करें विश्व में वर्तमान में व्याप्त सभी प्रकार की समस्याओं, संत्रासों, पीड़ाओं और अभावों का मूल कारण प्र...
देवाधिदेव महादेव की प्रार्थना और उपासना से हर प्रकार की मनोकामना सिद्धि के साथ ही सांसारिक एवं आध्यात्मिक लक्ष्य सहजता ...
नकारात्मक शक्तियों का भय सभी को लगता है। चाहे वे धर्मनिरपेक्षता की भौकाल करने वाले नायक-महानायक हों या फिर उनके चेले-चपा...
खत्म हो रहा असली गांधीवादियों का युग, बेणेश्वर धाम से जुड़ा है 12 फरवरी का संयोग, अब नहीं दिखता गांधी टोपियों का नज़ारा व...
इधर मेला, उधर महोत्सव की धूम पर्व-उत्सवों और त्योहारों की अनवरत् विद्यमान श्रृंखला में उल्लसित और ऊर्जावान जीवन व्यवहार ...
वाग्वर अंचल का लोक साहित्य, भक्ति साहित्य हो या लोक जीवन, परिवेश, जीवन और जगत से जुड़े किसी भी पहलू से संबंधित साहित्य हो...
चिन्ता हरेक इंसान के जीवन में वह प्रमुख कारण है जो आदमी के समझदार होने से शुरू होती है और अंतिम साँस तक न्यूनाधिक रूप मे...
सर सर सर सर ना कहो तो खूब सारे लोगों में सरसराहट तक पैदा नहीं होती। इन लोगों के जागरण का पास वर्ड ही सर है। सर ना कहो तो...
धर्म के मर्म को समझे बिना जीवन की सार्थकता और आत्म कल्याण संभव नहीं है। अतः चित्त की शुद्धि और पवित्रता के भाव पैदा करने...
( बेणेश्वर महामेला - 8 से 17 फरवरी 2025) जया एकादशी पर ध्वजारोहण से शुरू होगा आस्था का कुंभ, दस दिन तक रहेगी धर्म-ध्यान ...
विस्तार पाता जा रहा है महिलाओं का मीडिया के प्रति रुझान आधी दुनिया अब समाज-जीवन और परिवेश से लेकर राष्ट्रीय और अन्तर्राष...
चुनाव चिह्न ही घोर अभिशाप है इस पार्टी के लिए कांग्रेस को जो पाना था वह पिछले दशकों में आशा-अपेक्षाओं और क्षमताओं से अध...
हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ हुए, श्रद्धालुओं ने उत्साह से लिया हिस्सा बांसवाड़ा, 11 नवम्बर 2023/हनुमान जयन्ती पर शनिवार...
बांसवाड़ा/गायत्री मण्डल के तत्वावधान में पीताम्बरा आश्रम स्थित हनुमत्पीठ परिसर में नियमित गायत्री यज्ञ के साथ ही शुक्रवार...
हनुमत्पीठ में दर्शन कर विश्व मंगल की कामना की, धार्मिक आध्यात्मिक संस्कार आज की सर्वोपरि आवश्यकता - गोस्वामी अच्युतानन्द...
इसे महत्त्वाकांक्षा, नाम छपास की भूख, लोकप्रियता की चाह, अपने अस्तित्व के सार्वजनीन प्राकट्य की सनक या अहंकार का मकड़जाल ...
यह पूरी दुनिया कुछ अजीब किस्मों के लोगों से भरी पड़ी है। इनमें शत्रुता और मित्रता सदियों से चली आ रही है। देव-दानव संघर्ष...
अब तक यही कहा जाता रहा है कि एक मछली सारे तालाब को गन्दा कर देती है पर अब मछली एकमात्र नहीं होती, मछलियों ने संगठन की ता...
आदमी जैसा आया है, जो है, वैसा ही रहता है। निरंतर कठोर परिश्रम से प्राप्त उपलब्धियों वाले पुरुषार्थी आदमी जहाँ रहते है वह...
आज के दिन हम वही सब कुछ करते रहे हैं जो पिछले दशकों से करते आ रहे हैं फिर भी हम सभी में राष्ट्रीय चरित्र या देशभक्ति की ...
हनुमान चालीसा अपने आप में सिद्ध है। इसे सिद्ध करने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती क्योंकि सदियों से असंख्य बार इसके निरन्तर उच...
इन दिनों सर्वत्र पुरुषोत्तम मास यानि की अधिक मास की धूम है। मन्दिरों, मठों, आश्रमों से लेकर सत्संग और कथा पाण्डालों तक ह...
हरियाली भरा परिवेश तन-मन को सुकून देने के साथ ही जीवन के हर पहलू में सुख-समृद्धि लाता है। पानी और हरियाली का अपना अलग ही...
हर व्यक्ति को अपने-अपने ढंग से जीने और उपासना का स्वतंत्र अधिकार है। यह उपासना किसी भी मत से संबंधित हो सकती है। आजकल धर...
दुनिया में जहाँ मानवीय मूल्यों को प्रधानता प्राप्त है वहाँ लोक सेवा, परोपकार और सदाशयता के साथ ही तमाम नैतिक मूल्यों और ...
तन-मन से लेकर परिवेश तक झरता है सुकून का महाप्रपात वर्षा से नहायी और हरियाली की चादर ओढ़े सजी-सँवरी प्रकृति के सौन्दर्य ...
भर-भर के कांवड़ चल कांवरिया तोहे मुफतनाथ पुकारे है इन दिनों देश भर में सावन की मदमस्ती और भोले बाबा की आराधना का दौर पूर...
भगवान शिव को समर्पित यह श्रावण केवल शिव साधना के विभिन्न आयामों के निर्वाह मात्र या आयोजनों में रमे रहने भर का माह नहीं ...
अंगुलियाँ उमड़ा देती हैं अभिव्यक्ति का सागर इशारों ही इशारों में अंगुलियों की अपनी भाषा होती है जिसके लिए न कोई शिक्षा जर...
पश्चिमी राजस्थान का समूचा क्षेत्र दैवीय शक्तियों और दिव्य ऊर्जाओं से आप्लावित माना जाता है। समूचे क्षेत्र में शाक्त उपास...
वे तमाम सिद्ध ज्योतिषी महानुभाव धन्य हैं जो ग्रहों-नक्षत्रों की चाल को अपने हिसाब से सैट करके कुण्डली मिलान कर देते हैं ...
सारी उपासनाओं, साधनाओं और कर्मयोग का यही सार है कि जिसकी नीयत साफ है, भगवान उसी के साथ है। फिर जिसके साथ भगवान है उसे नि...
रोजाना कोई सा धार्मिक कार्यक्रम हो, कथावाचकों की कथाएं हों अथवा सत्संग। या कुछ-कुछ दिनों में आते रहने वाले पर्व-त्योहार,...
समाज और देश को बुद्धिजीवियों पर भरोसा था। उनके नीर-क्षीर विवेक पर गर्व था। यह विश्वास था कि इनकी बुद्धि से सबका भला होगा...
धर्म के प्रति आस्थाओं में भी भेद है। एक तरफ वे लोग हैं जो धर्म के नाम पर पैसा बनाने, लोगों को उल्लू बनाने, पद और प्रतिष्...
हम जो हैं वही दीखें यह मौलिकता है जबकि हम जो हैं वैसे न दिखें और इसकी बजाय हमारे दूसरे चेहरे दिखें तो इसका यही अर्थ है क...
जब-जब भी मलाई, मक्खन और मुद्राओं भरे छींके नज़र आ जाते हैं कहीं भी, तब-तब इनकी गंध पाकर घोर शत्रु माने जाने वाले कुत्ते औ...
आदमी क्या करे बेचारा, उसे बस्ती में दीखता है जंगल औरजंगल में बस्ती। वह नहीं चाहता कि घुस आए कोई हिंस्र पशु उसकी बस्ती मे...
बड़े ही बदचलन और बदमिजाज होते हैं बादल, जब कभी लोग होते हैं आतुर सूरज या चँदा दर्शन के तब सायास ढक लेते हैं अपने पर फैलाक...
बहुधा लोकप्रियता के भरम में भीड़ से घिरे रहने के आदी लोग धीरे-धीरे ऐसे-ऐसे लोगों से घिर कर रह जाते हैं जिनका उपयोग भीड़ के...
कुछ लोग कभी नहीं होते बूढ़े मरते दम तक ये जीते हैं जवानी के भ्रम में, कई किस्में है इन बूढ़े ‘जवानों’ की न कलमकार बूढ़ा होत...
श्रद्धा धाम - तलवाड़ा का दक्षिण कालिका मन्दिर राजस्थान के सुदूर दक्षिणाँचल बांसवाड़ा जिले में शैव और वैष्णव उपासना के साथ...
तुम्हारे ही कारण है वजूद मेरा ... तुम हो तभी मैं बना हुआ, टिका हुआ हूँ तुम जब तक गुड मॉर्निंग नहीं कहते, नहीं उगता सूरज ...
जीवन में हमेशा मस्त रहने के लिए दो बातों का होना सर्वाधिक जरूरी है। जीवन व्यवहार को सुन्दर बनाने के लिए कृतघ्नता का परित...
भारतवर्ष के लिए 21 जून का दिन गौरवशाली है जिस पर हम गर्व कर सकते हैं कि पूरी दुनिया भारतीय पहल के अनुरूप योग का अनुकरण क...
पूरी दुनिया के लिए आज का दिन गौरव और गर्व करने के लिए हैं क्यांकि सदियों तक विश्वगुरु रहते हुए भारत ने जो कुछ ज्ञान दिया...
विचारों की तरंगे कभी रुकती नहीं हैं। ये ब्रह्माण्ड के विभिन्न लोकों में दैवीय और दिव्य ध्वनियों के साथ अनवरत गतिमान रहती...
दुनिया भर में भगवान की सर्वोत्कृष्ट कृति है तो वह है मनुष्य। ईश्वर ने मनुष्य के रूप में अवतार लेकर जगत का कल्याण किया है...
वे कहते हैं बन्द करो चमचागिरी पर कैसे संभव है ऐसा कर पाना, बातें कहना और राय देना अलग बात है असली जिन्दगी जीना दूसरी बात...
सत्य जीवन का सर्वोपरि कारक है जिसका आश्रय ग्रहण कर लिए जाने पर धर्म और सत्य हमारे जीवन के लिए संरक्षक और मार्गदर्शक की भ...
वाकई कितना गहरा और अटूट रिश्ता है - आँख, कान, नाक और गले का। कोई सुनता ही नहीं हमारी बात जब तक अपनी आँखों से देख न ले गा...
समय की गति को कोई थाम नहीं सकता। युग बीत गए लेकिन समय की रफ्तार यों ही चलती रही है और चलती रहेगी। इसलिए जो लोग इस मुगालत...
शैव उपासना के धाम रहे मालवा, राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती क्षेत्रों में हर इलाके में एक से बढ़कर एक शिव मन्दिर विद्यमा...
आजकल देश में सर्वाधिक चर्चा इसी बात की है कि कल्याणकारी राज किसे कहा जाए। सामाजिक सरोकारों के निर्वहन के नाम पर लोगों की...
हमारे संपर्क में खूब लोग आते हैं जो हमारे अपने होने का दावा और वादा करते हैं और बढ़-चढ़ कर बातें करते हैं लेकिन सब कुछ केव...
दुनिया का कोई भी कर्म ऐसा नहीं है जिसकी सफलता का रास्ता समस्याओं और परेशानियों से होकर न गुजरता हो। संसार में जो भी कर्म...
हर आदमी के लिए विधाता ने मनुष्यता का आवरण देकर अपने कर्त्तव्य कर्म को पूर्ण करने के लिए उसे धरा पर भेजा हुआ है। यह सभी प...
गौसेवक कर रहे हैं डेयरी संचालकों को मालामाल विभिन्न मन्दिरों के आस-पास प्रायःतर देखा जा रहा है कि जो धर्मावलम्बी मन्दिर...
यह सम्पूर्ण संसार और इसकी प्रवृत्तियां दैवीय और दिव्य ऊर्जाओं की शक्ति पाकर वैचारिक तरंगों के माध्यम से संचालित होती हैं...
मद-मस्ती के साथ चहल कदमी करते हैं बगुले जब किसान खेत में हल चलाता है, पानी देता है, और खरपतवार निकालता है, बगुले हरदम रह...
हम तलाशते रहे हैं भीख हर कहीं, लिए अपने-अपने कटोरे भटकने के आदी हो गए हैं जहाँ-तहाँ जो कुछ चढ़ जाए भेंट भिक्षापात्र की ग्...
मूड और मौसम ये दोनों ही अब ऐसे हो गए हैं कि इनका पता ही नहीं चलता। पहले बारह महीनों में कुछ-कुछ माह तय होते थे क्रमिक रू...
जिन क्षेत्रों में गौवंश कुपोषित, दुःखी और प्रताड़ित रहता है, गौहत्या होती है, वहां रहने वालों की भगवान कभी नहीं सुनता। इस...
राजस्थान में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग बहुआयामी प्रतिभाओं से सम्पन्न कर्मयोगियों, विलक्षण मेधा-प्रज्ञा सम्पन्न व्यक्तित्...
https://www.youtube.com/watch?v=cJmB5Eam8bg&ab_channel=Dr.DeepakAcharyaशक्ति उपासना के गढ़ बांसवाड़ा में शीतला सप्तमी पर ...
उन दिनों आजकल के नेताओं की तरह कुटिलता, दोहरा-तिहरा-बहुरा चरित्र, द्वेष और पारस्परिक वैमनस्य नहीं हुआ करता था। हर अवसर प...
वे कहते हैं बन्द करो चमचागिरी पर कैसे कर पाएंगे वे ऐसा, बातें कहना व राय देना अलग बात है और असली जिन्दगी जीना दूसरी बात।...
मनुष्य का पूरा जीवन ऐषणाओं का पूरक और पर्याय रहा है जहाँ हर किसी को कुछ न कुछ कामना ताजिन्दगी बनी ही रहती है। इसके सकारा...
दुनिया के तमाम प्रपंचों और निराशाओं को त्याग कर भगवान की भक्ति और साधना मार्ग अपनाकर ही व्यष्टि और समष्टि का कल्याण संभव...
प्रत्येक दिन तभी सफल माना जा सकता है जब दिन में कम से कम एक अच्छा काम करें। इस अच्छे काम का कोई प्रचार नहीं होना चाहिए ब...
हर व्यक्ति चाहता है आत्म शान्ति। इसके लिए वह लाख प्रयत्न करता है किन्तु मनः शान्ति उससे उतनी ही दूर भागती रहती है। मनः श...
जब से खान-पान पर से नियंत्रण हटा है, जीभ के स्वाद के फेर में सब कुछ इतना अधिक भीतर जा रहा है कि पेट पेटी या कचरा पात्र ह...
आयुर्वेद चिकित्सा ने सारे विश्व में अपना अलग ही विलक्षण वजूद बना रखा है। आयुर्वेद आज की नहीं बल्कि पौराणिक काल से चली आ ...
राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर गांव-कस्बों और शहरों तक की सड़कों पर पिछले कुछ वर्षों से स्पीड़ ब्रेकरों का चलन बेतहाशा बढ़ा ह...
हिन्दी को जन-जन के हृदय की भाषा बनाने के लिए भाषणों और आडम्बरों से परे रहकर दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मीय-समर्पित भाव से वास्...
भारतीय संस्कृति में धर्म साधना का जो रूप दिखाई देता हैं वह मज़हब या रेलिज़न का पर्याय मात्र न होकर एक विराट जीवन दृष्टि का...
मनोरंजन के साथ आँचलिक रंग-रसों भरा स्निग्ध महाप्रपात प्राचीन इतिहास, संस्कृति और संस्कारों का आत्मसात करके ही सभ्यताओं क...
दुनिया भर में भगवान और उनके अवतारों की पूजा आम बात है लेकिन हिन्दुतान में एक इलाका ऐसा भी है जहाँ करीब तीन शताब्दियों से...
समाज में आज सब कुछ दिखाई देता है लेकिन जो नहीं दीख पा रहे हैं वे संस्कार ही हैं। इन्हीं की कमी से व्यक्ति व समुदाय से ले...
दुनिया में भगवान की सबसे उत्कृष्ट कृति कोई है तो वह मनुष्य ही है। ईश्वर ने मनुष्य के रूप में अवतार लेकर जगत का कल्याण कि...
जो हम हैं वह हैं ही, यह हमारी मौलिकता ही है कि हम ‘हम’ हैं। परमात्मा ने जैसा शरीर, मन और बुद्धि प्रदान की है उसी के अनुर...
भौगोलिक दृष्टि से तीन राज्यों की पहाड़ियों का स्पर्श करता, माही की रसधार से आप्लावित और नैसर्गिक रमणीयता की बदौलत दुनिया ...
बात जैसलमेर की है। बहुत पुरानी है। उन दिनों जैसलमेर में श्री गणेशराम केवलिया जनसंपर्क अधिकारी हुआ करते थे। एक बार नई दिल...
केवल साधकों केलिए - जो करना है स्वयं करें यह तय मानकर चलें किदुनिया का कोईभी दूसरा व्यक्तिहमारी समस्या याअभाव का समाधान...
घटना लगभग तीन दशक से भी पहले की है और सौ फीसदी सच है। बाँसवाड़ा में उन दिनों साहित्यिक आयोजनों और काव्य गोष्ठियों की जबर्...
शिक्षालयों की लोकप्रियता बढ़ाने में करें मीडिया का उपयोग संस्थागत या वैयक्तिक प्रतिष्ठा स्वाभाविक प्रवृत्ति है। इसका मनोव...
फेसबुक हो या दूसरी सोशल साईट्स, नब्बे फीसदी लोग गुड मॉर्निंग, गुड़ नाईट, गुड नून, बधाई, शुभकामनाओं, आरआईपी, श्रद्धान्जलि,...
मंत्र जप में मन नहीं लग रहा हो तो 30 बार अपने ईष्ट मंत्र से अनुलोम-विलोम कर लें। इसके बाद जप से पूर्व नाक से पूरी हवा बा...
एक ओर जहाँ अधिकांश बुजुर्ग रिटायरमेंट के बाद केवल और केवल टाईमपास के लिए ब्रह्माण्ड भर की चर्चाओं में व्यस्त रहा करते है...
वागड़ के लाल - लाला भाई वाग्वर अंचल के जिन चुनिन्दा व्यक्तित्वों पर गर्व किया जा सकता है उनमें शामिल हैं अजीम शख्सियत लाल...
रोजाना कोई पर्व-त्योहार,उत्सव, मेले-ठेले, यज्ञ, अनुष्ठान, मन्दिर, मूर्ति और शिखर प्रतिष्ठा, भण्डारा आदि हो या कोई सा धार...
राजधानी में आयोजित समारोह में दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित, उपन्यास और कहानी विधाओं में दिया गया श्रेष्ठ कृति स...
फुरसतिये-फालतू बिगाड़ रहे हैं समाज और देश का गणित जिन लोगों के पास कोई काम नहीं है या जीवन का कोई लक्ष्य नहीं है वे सारे ...
मंगलमूर्ति भगवान श्री हनुमानजी कलियुग में भक्तों की रक्षा, मनोकामनाओं की पूर्ति, कष्टों से मुक्ति और जीवन का आनंद देने व...
इस घटना का पूरा ताना-बाना वागड़ से ही संबंधित है। घटना है पूरी सोलह आने सच। बात आज से करीब 20-22 साल वर्ष पुरानी है। अपने...
उस जमाने में दानवी संस्कृति के परिचायक हिरण्यकश्यप भी थे और सत्ता के मद भरी फायरप्रूफ होलिकाएं भी। अंधे मोह और मद भरी कु...
ज्योतिष एवं इससे जुड़ी विधाओं पर गहन शोध एवं अध्ययन पर जोर देश के विभिन्न हिस्सों से ज्योतिष से जुड़े 200 से अधिक प्रतिनिध...
जहां कहीं नेताजी शब्द सामने आता है। हमारी कल्पनाओं में एक ही चित्र उभरकर सामने आता है और वह है नेताजी सुभाषचन्द्र बोस। स...
दुनिया की आबादी का काफी हिस्सा औरों के सुख से दुःखी तथा औरों के दुःख से सुखी रहने वाले लोगों से भरा पड़ा है। भगवान का दिय...
अभिव्यक्ति और दस्तावेजीकरण अब उस युग में पहुंच चुके हैं जहाँ इनकी अपार संभावनाएं और प्रचुर माध्यम उपलब्ध हैं। इनका जी भर...
संस्थागत या वैयक्तिक प्रतिष्ठा मानव मात्र की स्वाभाविक प्रवृत्ति है। इसका मनोवैज्ञानिक अध्ययन विस्तृत फलकों में पसरा हुआ...
अन्न क्षेत्र मानस मण्डल बांसवाड़ा बांसवाड़ा के श्री वनेश्वर महादेव मन्दिर परिसर में मानस मण्डल की ओर से 17 अक्टूबर 2010 से...
स्वर विज्ञान अपने आप में दुनिया का महानतम ज्योतिष विज्ञान है जिसके संकेत कभी गलत नहीं जाते। शरीर की मानसिक और शारीरिक क्...
15 जनवरी 2022, शनिवार को मकर का सूर्योदय होगा। शुक्रवार को सूर्य मकर राशिस्थ हो गए हैं लेकिन मकर राशि के सूर्य का उदय 15...
सब लोग आडम्बरी और बहुरूपियों की तरह जीने के आदी होते जा रहे हैं। मन कमजोर हो जाए, दिमाग सठिया जाए और शरीर बीमारियों व अश...
स्वामी विवेकानंद जयन्ती के दिन हमें युवाओं की खूब याद आती है। इस दिन युवाओं की ही चर्चा होती है और युवाओं के उत्थान से ज...
स्वामी विवेकानंद का उपदेश जैसलमेर के गांधी दर्शन में महात्मा गांधी प्रदर्शनी में स्थापित पट्ट पर स्वामी विवेकानंद के ये ...
व्हाट्सअप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्वीटर आदि सोशल मीडिया ने क्या से क्या कर डाला, जीवनशैली में आया आमूलचूल बदलाव, हम उनके ...
जीवन में साधना की नियमितता और अनिवार्यता बहुत जरूरी है। साधना से व्यक्तित्व निखरता है और लौकिक व अलौकिक लक्ष्यों को प्रा...
साहित्यकार का धर्म अपार और अनन्त संभावनाओं से युक्त अपनी सृजन क्षमता से लोक जागरण और समाज को दिशा दर्शन कराकर राष्ट्र को...
मुक्ताकाशी व्यवहार माधुर्य से झरते रहे जीवन-उल्लास भरे रस-रंग वागड़ वसुंधरा रत्नों की खान रही है जिसने इस अंचल में समाज-ज...
स्वतंत्रता चेतना के पुरोधा व शिक्षा, संस्कृति और साहित्य धाराओं के संवाहक भगीरथ वागड़ का इतिहास कई गौरवशाली शखि़्सयतों से...
स्वाधीनता संग्राम में वागड़ अंचल के स्वाधीनता सेनानियों ने जिस त्याग-तपस्या, समर्पण और बलिदान का अमिट एवं गौरवशाली इतिहास...
शुद्ध वायु, करे चिरायु पृथ्वी का श्रृंगार है वृक्ष वृक्ष कटा, जीवन मिटा आज समय की यही पुकार, बच्चे दो और वृक्ष हजार नगरी...
यज्ञों के माध्यम से समष्टि और व्यष्टि के कल्याण की दिशा में महा परिवर्तन लाया जा सकता है। वैदिक वानस्पतिक विज्ञान के रहस...
जीवन में ईश्वर के प्रति अगाध श्रद्धा, नियमित साधना-उपासना और चित्त की निर्मलता से लौकिक एवं पारलौकिक समस्त सिद्धियां सहज...
संरक्षण-संवर्धन के लिए पहल वागड़वासियों की जिम्मेदारी वागड़ की पहचान, परम्पराओं और मौलिक विरासतों के अस्तित्व पर खतरा मण्ड...
यह उन सभी लोगों को समर्पित है जो बड़े ओहदों पर विराजमान हैं, प्रतिष्ठित और महान कहे जाते हैं लेकिन इनका व्यवहार असामान्य ...
उन सभी लोगों से सायास दूरी बनाए रखें जो विकृत और कपटी मानसिकता वाले, दुर्विचारी, टाईमपास बहसबाज और दुराग्रही हैं। क्योंक...
हम सभी लोग शराब या मदिरा की बुराई करते हैं, सब सार्वजनिक तौर पर शराब बन्दी की बात करते हैं, लेकिन शराबियों के विरूद्ध़ क...
धर्म का सीधा संबंध आत्मा से है। इसमें शरीर का कोई भेद कभी नहीं रहा। धर्म से लेकर कर्मकाण्ड के तमाम पहलुओं में परमात्मा क...
पाश्चात्यों की परंपरा में पुराने वर्ष को विदाई और नए वर्ष के स्वागत-अभिनंदन की परंपरा चल रही है। दुनिया भर में लोग उस दि...
किसी भी व्यक्ति के पास कितनी धन-दौलत है, यह जानने के लिए उसकी चाल को देखें। चलते समय जिस किसी के बूट, चप्पल या सैण्डिल ज...
अपने आस-पास और साथ रहने और काम करने वालों में खूब सारे ऎसे हैं जिन्हें देख कर दया भी आती है और घृणा के साथ गुस्सा भी। ये...
आयुर्वेद का आश्रय प्राप्त करने पर यशस्वी दीर्घ जीवन पाया जा सकता है। आयुर्वेद जीवनी शक्ति को सिंचने और आयु की अभिवृद्धि ...
कुछ दशकों पहले तक लालफीताशाही शब्द खूब प्रचलन में था। इसके बाद इसी गर्वीले सुकून और समृद्धि मार्ग को गौरवान्वित करने वाल...
क्या ग़ज़ब हो गया है। अब खटमल कहीं दिखते नहीं, गायब हो गए हैं। कुछ दशक पहले तक लोग परेशान हुआ करते थे खटमलों से, खटमलों क...
समाज और राष्ट्र पर आपदा के लिए दोषपूर्ण यज्ञ विधियां जिम्मेदार हाल के कुछ वर्षों में धर्मस्थलों पर यज्ञ कुण्ड और मण्डपों...
बातकुछ अटपटी लग सकती है लेकिन है सोलह आने सही। जिस तरह से दिवंगत पितरों को साल भर श्राद्ध का इंतजार रहता है उसी तरह भूत-...
सूर्य आज 21 दिसम्बर 2021, मंगलवार रात्रि को सायन मकर राशि में प्रवेश कर चुका है। इसके साथ ही उत्तरायण का आरंभ हो चुका है...
जीवात्मा जब तक कर्म को पूरी तरह भुगत नहीं लेते तब तक आगे से आगे चलते रहते हैं। कारण यह है कि कोई से कर्म का अच्छा-बुरा फ...
अपने आस-पास ऎसे लोग बहुत बड़ी संख्या में विचरण करते रहे हैं जो अपनी पहचान कायम करने के फेर में वो सब कुछ कर रहे हैं जिनसे...
भगवान के फोटो/वीडियो पोस्ट करना भक्ति नहीं बल्कि पाखण्ड है जो यह सिद्ध करता है कि प्रभु हमारे हृदय में नहीं हैं बल्कि हम...
औरों के पालतु श्वान, मुर्गे, गुर्गे, गधे, घोड़े और जानवर के रूप में उनके बाड़ों में रहकर उछलकूद और धींगामस्ती करने, मुफ्त ...
जब भी किसी बात पर गुस्सा आए या और कोई हम पर गुस्सा होने की कोशिश करे, मन ही मन तीन बार निम्न मंत्र का जप कर लें। खुद का ...
दिखने में साधारण सा व्यक्तित्व हैं श्री त्रम्बकेश्वर ठाकोर, लेकिन पौराणिक और धार्मिक ज्ञान, कर्मकाण्ड, दक्षिण और वाम मा...
दुनिया की लगभग आधी से अधिक आबादी आजकल बीमारी के हालातों में जीने को विवश है और उसका मुख्य कारण है बदतमीज लोगों का आसुरी ...
हम सभी लोग जिन्दगी भर विद्यार्थी के रूप में रहते हैं और रहना भी चाहिए। सीखने-सिखाने और अनुकरण करने की कोई आयु निर्धारित ...
सत्, त्रेता और द्वापर युग में चाहे कौनसे भी मंत्र तारक, उद्धारक और पालक रहे होंगे मगर इस कलियुग में दो ही शब्द महामंत्रर...
जिस हिसाब से समाज और परिवेश में नकारात्मकता और स्वार्थ हावी होते जा रहे हैं, मनुष्य के मन-मस्तिष्क और तन से लेकर आभामण्ड...
हमें उसी के प्रति वफादार और जवाबदेह होना चाहिए जिसने हमें बनाया है और दायित्व सौंपे हैं। पहला तो है वह विधाता ईश्वर जिसन...
हनुमानजी का स्मरण कर निम्न मंत्र को तीन बार बोलकर ही घर से बाहर जाएं, वाहन आरंभ करने तथा किसी भी प्रकार की यात्रा की शुर...
भारतीय संस्कृति और परम्पराएं वैज्ञानिकता की कसौटी पर पूरी तरह परखी हुई और सदियों से अनुभूत हैं। इनका आश्रय प्राप्त कर हर...
हर कोई चाहता है लक्ष्मी। और इसीलिए पूरी जिन्दगी लक्ष्मीजी को प्रसन्न करने और रखने के बहुविध जतन में सभी लगे रहते हैं। और...
जिसको जो राह अच्छी लगे, उस तरफ चलना चाहिए। हर इंसान अपनी राह खुद ही तय करता है और उसी पर चलते हुए पूरा जीवन निकाल देता ह...
आतिशबाजी ऎसा शब्द है जिसका संबंध हर इंसान से किसी न किसी रूप में है। या तो हम आतिशबाजी करने के शौकीन होते हैं अथवा कराते...
सब तरफ खूब लिखा जा रहा है, खूब बोला जा रहा है और खूब सारा छापा-छपयावा जा रहा है। इस मामले में अक्षरों की दुनिया में जो ...
अभिव्यक्ति वास्तव में वही है जो हृदय से निकली हो, बिना किसी मिलावट के परिशु; हो, पूरी तरह मौलिक हो और इसके पीछे लाभ-हानि...
हमारे जीवन की दशा और दिशा अब करीब-करीब पूरी बदलती ही जा रही है। पहले हम अच्छे इंसान बनने और सर्वोत्तम मानव होने की प्रति...
स्मृति शेष - स्वतंत्रता संग्राम के लोकनायक श्री कुरीचन्द जैन वागड़ अंचल में स्वतंत्रता संग्राम और लोक जागरण का अपना खास इ...
जो लोग धरा पर जन्म लेने और जीने के उद्देश्यों को जानते हैं, मानव जीवन के चरम लक्ष्य को समझते हैं, वे अच्छे इंसान के रूप ...
दुनिया के अधिकांश लोगों के दिमाग में जिन्दगी भर यह प्रश्न कौंधता रहता है कि अच्छे कार्य में जुटते ही बाधाओं का आना आरंभ ...
भारतीय संस्कृति में विभिन्न देवी-देवताओं से संबंधित पर्व और त्योहारों को मनाने का मूल लक्ष्य था संदर्भित देव या देवी की ...
धर्म-कर्म और भक्ति का सीधा संबंध भावना से होता है। जिस कर्म या भक्ति में अगाध श्रद्धा, भगवान के प्रति अनन्य भावना, निष्ठ...
दुनिया की बहुत सी आबादी फुरसत या बतंगड़ी का समय किसी न किसी दुकान, प्रतिष्ठान या किसी भवन की सीढ़ियों-पेढ़ियों पर बैठकर बित...
हम लोग बहुत बड़े-बड़े लोगों के साथ रहा करते हैं, खूब सारे बड़े लोगों को करीब से जानते-पहचानते हैं, बड़ों-बड़ों के लिए काम करत...
ज्ञान और अनुभव दो ही ऎसे महत्त्वपूर्ण कारक हैं जो मानव जीवन के लिए अनिवार्य आवश्यकता के रूप में सदियों से अनुभव किए जाते...
भारतीय संस्कृति और परंपराओं में जो कुछ भी कहा गया है, पुरातन काल से अपनाया जाता रहा है, उन सभी के पीछे कोई न कोई वैज्ञान...
हर व्यक्ति के भीतर मौलिक रूप से आत्म ऊर्जा विद्यमान रहती है जो उसके अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार न्यूनाधिक स्तर पर बनी रह...
हम सभी लोग चाहते हैं कि जीवन में जो कुछ हो वह हमारा मनचाहा ही हो, अनचाहा कभी न हो। लेकिन यह तभी संभव है कि जब हम मनुष्य ...
जिस चरखे की वजह से हमें आजादी मिली, उस चरखे और बापू का सान्निध्य ही अपार उत्साह और ऊर्जा का संचार करने वाला है। आज ये च...
प्राचीन विद्याओं का प्रयोग मानवता और मर्यादाओं की रक्षा के साथ ही जीवों और जगत के कल्याण के लिए है और इनका सदुपयोग किया ...
बात है बहुत छोटी सी, किन्तु है सौ टके सही। अपने दफ्तर/घर/दुकान/प्रतिष्ठान में आने वाले कागजों पर लगी आलपिनों का उपयोग जह...
व्यक्ति के जीवन में सफलता-असफलता का सर्वोपरि संकेतक है वाणी। इसी से पहचाना जा सकता है कि कौन कैसा है, किस तरह का है और उ...
राजस्थान के एकदम दक्षिणी भूभाग में माही नदी की स्नेहिल रसधार से आप्लावित, आध्यात्मिक विलक्षणताओं से भरे-पूरे पर्वतीय अंच...
जैसलमेर की धरा पर शायद ही कोई ऎसा व्यक्ति होगा, जो श्री आर.के. व्यास परिचित न हो। हमेशा शुभ्र परिधानों में रहने वाले श्र...
मोरपंखी रंगों का होता है दर्शन हर ओर छाया रहता है कान्हा के अवतरण का उल्लास राजस्थान के दक्षिणांचल वागड़ अंचल में वैष्णव...
मंगलमूर्ति भगवान गणेश सर्वप्रथम पूजित दैव हैं जिनके स्मरण के बिना किसी की गाड़ी आगे नहीं बढ़ती। ऋद्धि और सिद्धि देने वाले ...
भंवरों ने छुड़ाए यहां दुश्मनों के छक्के वागड़ अंचल श्रद्धा और आस्थाओं का ज्वार उमड़ाने वाला वह क्षेत्र है जहां हर कोना भक्त...
इंसान का पूरा जीवन ऎसा विचित्र अभिनय होकर रह गया है जिसमें वह चाहते हुए भी सच नहीं बोल सकता, या कि सच बोलने का माद्दा ही...
समाज-जीवन और परिवेश में जितने अधिक आश्चर्य इन दिनों देखने को मिल रहे हैं वे पहले कभी देखे-सुने नहीं गए। हमारे पुरखों का ...
स्वर विज्ञान का चमत्कार नाक से निकलने वाली साँस तय करती है अपना भविष्य स्वर विज्ञान अपने आप में दुनिया का महानतम ज्योतिष...
जीवन में बार-बार संघर्ष आना और किसी न किसी रूप में लगातार बने रहना इस बात का संकेत है कि भगवान जूझारू एवं जांबाज सज्जनों...
असली बौद्धिक सम्पदा से सम्पन्न व्यक्ति बिना किसी के कहे चुपचाप समाज और देश के काम आता रहता है, उसकी उपयोगिता सदैव बनी रह...
हमारे हितों के लिए दिन-रात चिन्तन करते रहने वाले शुभचिन्तक हमेशा खूब याद आते हैं। उनकी सोच-विचार और कर्म ही हैं जो हमें ...
लोक संस्कृति, साहित्य और परंपराओं के अन्वेषक शिखर पुरुष प्रो.(डॉ) एल.डी. जोशी आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन अब उनका समग्र ...
शिक्षा, संस्कृति और साहित्य धाराओं के संवाहक भगीरथ वागड़ का इतिहास कई गौरवशाली शखि़्सयतों से भरा पड़ा है जिन्होंने अपने कर...
आने वाला समय चोरियों और अपराधों की संभावनाओं भरा रहने का अनुमान है। ऎसे में स्वयं अपनी रक्षा के प्रति सजग रहें। चोरी से ...
वाल्मीकि रामायण केअनुसार “आदित्य हृदयस्तोत्र” अगस्त्य ऋषि द्वाराभगवान् श्री रामको युद्ध मेंरावण पर विजय प्राप्ति हेतु दि...
सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं जो बुद्धि, ओज-तेज, नेत्र और तेजस्वी व्यक्तित्व प्रदान करने वाले दैव के रूप में पूजे जाते हैं। ...
दुनिया भर में आज सर्वत्र ऑक्सीजन पाने के लिए कृत्रिम उपायों को अपनाना पड़ रहा है जबकि हमारे पास पेड़-पौधों के रूप में बड़े-...
गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल…। यह सुमधुर एवं अत्यन्त उपयोगी आह्वान गीत सुनते ही मोहल्ले और गली भर के लोग हाथों में डब्...
शैव, शाक्त और वैष्णव उपासना धाराओं के साथ ही वैदिक परम्पराओं और प्राच्यविद्याओं का गढ़ रहा राजस्थान का दक्षिणांचलीय जिला ...
किसी भी देवी या देवता के मंत्र जाप में मन नहीं लग रहा हो तो उस मंत्र के जितने अक्षर हैं उतनी बार अनुलोम-विलोम करते हुए ज...
खान-पान प्रदूषित और तामसिक होने से समाज और क्षेत्र में तामसिकता का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। और इस वजह से सज्जनों को भी कई ...
अशांति, संघर्ष और किसी भी प्रकार की तनातनी, झगड़ा आदि सब कुछ कलियुग का ही प्रत्यक्ष प्रभाव है। अक्सर इस तरह की स्थितियां ...
निष्काम सेवाव्रत भरे एक युग का अवसान, अपूरणीय है लोकमंगलकारी युगीन व्यक्तित्व की क्षति माही, मैया और प्रकृति के इस आँगन ...
वागड़ वसुन्धरा रत्नों की खान रही है। इन्हीं में एक रत्न थे श्री महेश पुरोहित। उनका नाम ही काफी है उनके व्यक्तित्व और कर्म...
श्री महेश पुरोहित, वह हस्ताक्षर जिन्होंने समाज-जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से लेकर लोक जीवन, इतिहास, पुरातत्व, संस्कृति और...
वर्तमान में कोरोना संक्रमण का प्रकोप जारी है। ऎसे में अपने स्वर पर नियंत्रण रखें। वैशाख शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 12 मई 2021, ...
जब प्रकृति रूठ जाए, प्राकृतिक आपदाएं आसन्न घेरे हुए हों, चारों तरफ दैहिक, दैविक और भौतिक तापों का माहौल हो, बाहरी पाबंदि...
महामारी का ताण्डव हो या मौत का सिलसिला। हमारी संवेदनाएं, मानवीय मूल्य और नैतिक आचरण सब कुछ पलायन करते जा रहे हैं। वैश्वि...
प्रभातकालीन अरुणिम सूर्य अपार ऊर्जा का महास्रोत है। इस समय सूर्य के सम्मुख कुछ क्षण श्रद्धापूर्वक बिता लिए जाएं और भगवान...
शरीर की रक्षा के लिए भगवान श्री हनुमान का यह साबर मंत्र अत्यन्त प्रभावशाली है। प्रातः संध्या पूजन इत्यादि के उपरान्त एक ...
सूर्य और चन्द्रमा साक्षात दैव हैं जिन्हें इंसान खुली आँखों से देख सकता है और उनकी सीधी कृपा प्राप्त कर सकता है। पूर्णिमा...
कोरोना की वजह से वैश्विक संकट के दौर से गुजर रही दुनिया के सम सामयिक भयावह और विषम हालातों की वजह से पनपे नकारात्मक पक्ष...
मौजूदा समय इंसानों के लिए कठोरतम और निर्णायक अग्नि परीक्षा का महा काल है। चाहे वह कर्मभूमि भारत हो या फिर भोग भूमि पाश्च...
अब इंसानों और भूत-प्रेतों में कोई अंतर नहीं रहा। जो भूत-प्रेत करते रहे हैं वही आज का इंसान भी खुलकर पूरी मस्ती के साथ कर...