विलक्षण हैं वागड़ की परम्पराएं

संरक्षण-संवर्धन के लिए पहल वागड़वासियों की जिम्मेदारी
वागड़ की पहचान, परम्पराओं और मौलिक विरासतों के अस्तित्व पर खतरा मण्डरा गया है। अब समय आ गया है जब वागड़ के प्रबुद्धजनों को वागड़ अंचल की पुरातन थातियों तथा सांस्कृतिक एवं मौलिक परम्पराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए सामूहिक एवं समर्पित प्रयासों के साथ आगे आना चाहिए।
वागड़ अंचल में प्राकृतिक सौन्दर्यपूर्ण प्राचीन स्थलों, नैसर्गिक मनोहारी परिवेश, प्राचीन शिल्प स्थापत्य, प्रचुर जल संपदा भरे जलाशयों की श्रृंखला, मौलिक सांस्कृतिक परम्पराएं और वह हर कारक मौजूद हैं जिनके बूते वागड़ को दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर स्थान दिलाया जा सकता है। इनके लिए सार्थक प्रयास सामाजिक और संस्थाओं के स्तर पर भी होने चाहिएं ताकि यह क्षेत्र उपेक्षित न रहे और पर्यटन के सर्किट व रूट्स से सीधा जुड़ सके।
पर्व-त्योहारों और धार्मिक गतिविधियों के नाम पर वागड़ अंचल के जनजीवन में आ धमकी बुराइयों को समाप्त करने की आवश्यकता है क्योंकि इस दिशा में कारोबारी बुद्धि वाले कई नवीन प्रयोग वागड़ के लिए बेहद खतरनाक हैंं।
वागड़ अंचल की समृद्धि और यहां के गरीबों के उत्थान के लिए यह जरूरी है कि स्थानीय उत्पादों के इस्तेमाल की आदत फिर से पैदा हो ताकि स्थानीय घरेलू लघु उद्योग-धंधों और ग्राम्य स्वरोजगार को बढ़ावा मिले तथा यहां के लोगों को कमाने के लिए बाहर न जाना पड़े। इसके लिए यहां के पर्व-उत्सवों, मेलों-त्योहारोें में पहले की ही तरह स्थानीय उत्पादों के प्रयोग को बढ़ावा दिए जाने की जिम्मेदारी वागड़ अंचल के लोगों की है।
प्राचीन स्मारकों, किलों, मन्दिरों, छतरियों, महलों, मठों आदि की जानकारी एकत्रित कर दस्तावेजीकरण और इनके संरक्षण तथा विकास के साथ ही प्रचार-प्रसार के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने की जरूरत है। अन्य क्षेत्रों के मुकाबले अपार संपदाओं व संभावनाओं के धनी होने के बावजूद वागड़ के स्वस्थ पर्यटन विकास में कमी के पीछे मानसिकता और समर्पण की भावना तथा स्थानीय लोगों में जागरुकता एवं इच्छाशक्ति का अभाव प्रमुख कारण हैं।
वागड़ की विरासतों की अब अनदेखी नहीं की जा सकती। नई पीढ़ी को वागड़ की परम्पराओं, संस्कृति, कला-स्थापत्य शिल्प वैभव, इतिहास और मौलिकताओं से परिचित कराने के लिए प्रचार-प्रसार, लेखन, ग्रंथ प्रकाशन और कार्यशालाओं आदि पर जोर दिया जाना चाहिए। बहुआयामी दस्तावेजीकरण आज की प्राथमिक आवश्यकता है।
