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साहित्य
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वागड़ में सदियों से चला आ रहा है यह आशीर्वाद

Deepak Acharya
March 15, 2023
https://www.youtube.com/watch?v=cJmB5Eam8bg&ab_channel=Dr.DeepakAcharyaशक्ति उपासना के गढ़ बांसवाड़ा में शीतला सप्तमी पर बड़े-बुजुर्गों द्वारा एक पंक्ति का आशीर्वाद सदियों से चला आ रहा है। व्रत समाप्ति के उपरान्त या शीतला सप्तमी की शुभकामनाएं देते हुए वक्त वागड़ के बुजुर्ग एक लाईन का आशीर्वाद देते रहे हैं।
वागड़ी बोली में आशीर्वाद सिक्त यह वाक्य है -
माँ ! टाड़ी हीरी राखजू
(अर्थात् हे माँ! तनावों और विषमताआें भरे में जीवन सुख-शान्ति एवं समृद्धि के साथ हर प्रकार से शीतलता, अक्रोध और शान्ति प्रदान करना।)
एक छोटे से वाक्य में कितना विराट और व्यापक आशीर्वाद समाया हुआ है। यह है वागड़ की उदारता और वागड़ी का मंगलकारी स्वरूप।
जय माँ शीतला...
