साहित्यिक यात्रा में वापस
साहित्य
8 min read

अनूठा प्रयोग - यों करें गुस्से को शान्त

Deepak Acharya
Deepak Acharya
November 9, 2021
अनूठा प्रयोग - यों करें गुस्से को शान्त

जब भी किसी बात पर गुस्सा आए या और कोई हम पर गुस्सा होने की कोशिश करे, मन ही मन तीन बार निम्न मंत्र का जप कर लें। खुद का क्रोध भी खत्म हो जाएगा और सामने वाला भी गुस्सा करना भुल जाएगा।

कई बार हमें यह आशंका रहती है कि जिससे मिलने जा रहे हैं वह गुस्सा तो नहीं करेगा। इस स्थिति में उससे मिलने जाएं तब इसी मंत्र को मन ही मन तीन बार बोल लें। इससे सामने वाला कोई भी चाहे कितना बड़ा, महान और गुस्सैल हो, वह गुस्सा नहीं कर पाएगा और हमारे प्रति शांत एवं सुकूनदायी रहेगा।

ॐ शान्ते प्रशान्ते सर्व क्रोधोपशमनि स्वाहा ॥

ऎसी संभावना हो कि जिससे मिलने जा रहे हैं वह हम पर क्रोधित होने वाला हो, ऎसी स्थिति में इस मंत्र को सात बार पढ़कर मुँह धो लें, इसके बाद ही जाएं। देखते ही गुस्सा गायब हो जाएगा। अक्सर यह भी देखा गया है कि पति-पत्नी और घरवालों के बीच किसी न किसी बात को लेकर क्रोध आ जाने की स्थिति आ जाती है। इस स्थिति में स्नान के बाद रोजना इस मंत्र का 11 बार मन ही मन उच्चारण करते हुए अभिमंत्रित पानी से मुँह धो लें, इससे कलह समाप्त हो जाएगा।

जो व्यक्ति बिना किसी वजह से गुस्सा करने का आदी हो, हम पर गुस्सा करे तब मन ही मन उसके पूर्वजन्म को याद करें और यह कल्पना करें कि यह कुत्ता, बिल्ली, लोमड़ अथवा कौनसा जानवर रहा होगा। इसके बाद मानसिक रूप से उसके सामने घास या रोटी फेंकने की भावना करें। इससे उसका गुस्सा शान्त हो जाएगा और हमें भीतर ही भीतर आनन्द भी आएगा तथा उसकी बकवास का कोई प्रभाव हमारे दिल-दिमाग पर नहीं पड़ेगा।