साहित्यिक यात्रा में वापस
साहित्य
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महात्मा गांधी जिन्दाबाद, गांधीवादी अमर रहें

Deepak Acharya
September 3, 2021

जिस चरखे की वजह से हमें आजादी मिली, उस चरखे और बापू का सान्निध्य ही अपार उत्साह और ऊर्जा का संचार करने वाला है।
आज ये चरखा गांधारी के क्षेत्र में होता तो कितनी शान्ति, आनंद और सुकून पसरा होता, जरा कल्पना कीजियें। याद करें हमारे पूज्य बापू को, हम सभी संतानों को चाहिए कि हर क्षण राष्ट्रपिता, साबरमती के संत का स्मरण रखें, उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करें, जिनकी बदौलत हमें बिना किसी खडग, तलवार और ढाल के, बिना किसी हिंसा के आजादी मिली।
उन्हीं की बदौलत उनके उपदेशों पर चलने वाले अनुचर धरती को स्वर्ग बनाते हुए खुद भी समृद्ध हो रहे हैं और दूसरों को भी खुशहाली दे रहे हैं। इंकलाब जिन्दाबाद।
