यह मंत्र कर देगा गुस्से को शान्त

खान-पान प्रदूषित और तामसिक होने से समाज और क्षेत्र में तामसिकता का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। और इस वजह से सज्जनों को भी कई स्थानों पर बिना किसी गलती के अनावश्यक क्रोध का सामना करना पड़ता है।
समाज की जो वर्तमान दशा है उसमें दैवीय शक्तियों का थोड़ा-बहुत आश्रय प्राप्त कर लिया जाए तो कई समस्याओं का आसानी से अपने आप समाधान हो जाएगा। किसी को भी क्रोध आए, इस मंत्र को मन ही मन तीन बार उच्चारण कर लिए जाने से सामने वाले का गुस्सा देखते ही देखते ठण्डा पड़ जाता है।
मंत्र है -
ॐ शान्ते प्रशान्ते सर्वक्रोधोपशमनि स्वाहा।
कभी पहले से ही यह आशंका हो कि सामने वाला गुस्सा करने वाला है, उस समय इस मंत्र को सात बार बोलकर पानी से मुँह धो लें, फिर उसके सामने जाएं।
कई बार पति-पत्नी-बच्चों और घर वालों को बेवजह गुस्सा आ जाता है। उस स्थिति में भी परस्पर इस मंत्र का प्रयोग कर क्रोध का शमन किया जा सकता है।कभी चन्द्र या सूर्य ग्रहण बीच में आ जाए तो इसकी एक माला जप लें। इससे आगामी ग्रहण तक यह मंत्र जबर्दस्त सिद्ध हो जाएगा और त्वरित गति से काम करेगा।
