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साहित्य
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कभी न भूलें शुभचिन्तकों के अहसान को, कृतज्ञता दर्शाएं

Deepak Acharya
June 12, 2021
हमारे हितों के लिए दिन-रात चिन्तन करते रहने वाले शुभचिन्तक हमेशा खूब याद आते हैं। उनकी सोच-विचार और कर्म ही हैं जो हमें सम्बल और ऊर्जा प्रदान कर हमारे व्यक्तित्व को निखारते हैं। ऎसे ही मित्रों की बदौलत मैं निखर पाया हूँ। ऎसे प्रतिभाशाली और समर्पित शुभचिन्तकों के प्रति सदैव कृतज्ञ बने रहना चाहिए। जब-जब भी उनकी याद आती है, नई शक्ति और अपार ऊर्जा का अहसास होता है।
