सर सर सर सर ना कहो तो खूब सारे लोगों में सरसराहट तक पैदा नहीं होती। इन लोगों के जागरण का पास वर्ड ही सर है। सर ना कहो तो मर जाएं जैसे कि जिन्दगी भर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सुनने के लिए ही पैदा हुए हों। सर कहने से ही इनके भीतर का पुरुषत्व जागृत होता है।
सभी सर-सर हस्तियों को पावन श्रद्धान्जलि सहित।
SIR

