साहित्यिक यात्रा में वापस
साहित्य
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सर-सर सरासर

Deepak Acharya
Deepak Acharya
February 8, 2025

सर सर सर सर ना कहो तो खूब सारे लोगों में सरसराहट तक पैदा नहीं होती। इन लोगों के जागरण का पास वर्ड ही सर है। सर ना कहो तो मर जाएं जैसे कि जिन्दगी भर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सर-सर, सर सुनने के लिए ही पैदा हुए हों। सर कहने से ही इनके भीतर का पुरुषत्व जागृत होता है।

सभी सर-सर हस्तियों को पावन श्रद्धान्जलि सहित।

SIR