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साहित्य
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बेणेश्वर पीठाधीश्वर ने पीताम्बरा आश्रम का किया अवलोकन

Deepak Acharya
Deepak Acharya
November 18, 2023

हनुमत्पीठ में दर्शन कर विश्व मंगल की कामना की,

धार्मिक आध्यात्मिक संस्कार आज की सर्वोपरि आवश्यकता - गोस्वामी अच्युतानन्द महाराज

बांसवाड़ा/ बेणेश्वर पीठाधीश्वर गोस्वामी अच्युतानन्द महाराज ने कहा है कि वर्तमान में धार्मिक-आध्यात्मिक एवं नैतिक संस्कारों के माध्यम से ही व्यष्टि से समष्टि तक में सकारात्मक एवं सुकूनदायी महापरिवर्तन संभव है। इसके लिए इन क्षेत्रों से संबंधित रचनात्मक गतिविधियों के विकास एवं विस्तार की महती आवश्यकता है। इस पर सामाजिक जागरण प्रभावी भूमिका अदा कर सकता है।

बेणेश्वर पीठाधीश्वर ने यह उद्गार शुक्रवार को गायत्री मण्डल द्वारा संचालित पीताम्बरा आश्रम में साधक-साधिकाओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

बेणेश्वर पीठाधीश्वर ने इस अवसर पर पीताम्बरा आश्रम स्थित हनुमत्पीठ में भगवान हनुमानजी के दर्शन किए और विश्व मंगल की कामना की।

उन्होंने धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, पौरोहित्य, साधना विधानों और नित्य, नैमित्तिक एवं काम्य कर्मों के प्रशिक्षण एवं प्रयोगों के लिए मण्डल द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की सराहना की।

गोस्वामी अच्युतानन्द महाराज ने इस अवसर पर गायत्री मण्डल के संस्थापक संचालक ब्रह्मर्षि पं. महादेव शुक्ल का स्मरण किया और कहा कि प्राच्यविद्याओं के संरक्षण-संवर्धन की दिशा में उन्होंने जो प्रयास किए हैं वे स्तुत्य एवं अनुकरणीय हैं तथा अपने आप में ऐतिहासिक एवं अपूर्व कर्मयोग का परिचय देते हैं।

उन्होंने गायत्री मण्डल की गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि शीघ्र ही पीताम्बरा आश्रम नैतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्कारों के संवहन का बड़ा केन्द्र बनकर उभरेगा।

आरंभ में मण्डल के अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ब्रह्मर्षि पं. दिव्यभारत पण्ड्या, सह सचिव सुभाष भट्ट, एवं कार्यकारिणी सदस्य कमलकान्त भट्ट, कार्यक्रम समन्वयक पं. मनोज नरहरि भट्ट, चेतन भट्ट, श्रीमती सपना भट्ट, श्रीमती शारदा आदि ने बेणेश्वर पीठाधीश्वर का स्वागत किया और मण्डल की ओर से संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।