अग्निधर्मा विचार - सभी असामान्य लोगों को समर्पित ..

यह उन सभी लोगों को समर्पित है जो बड़े ओहदों पर विराजमान हैं, प्रतिष्ठित और महान कहे जाते हैं लेकिन इनका व्यवहार असामान्य होता है, न ये कभी सहज, सरल और सादगीपूर्ण देखे जा सकते हैं, न अनुभव किए जा सकते हैं।
इनके पावन दर्शन करने पर यही अनुभव होता है कि किस पागल से पाला पड़ गया है, किसने इसको पदवी दे डाली है, जो इंसान होने के लायक ही नहीं है। ऎसे लोगों को गधा कहना भी देवी शीतला मैया के परमप्रिय वाहन गधे का अपमान है।
जब ये अपनी औकात पर होते हैं तब ये अपने आप में अजायबघर हो जाते हैं, इनमें दिखने लगते हैं दुनिया के तमाम विद्यमान और लुप्त हिंसक जानवरों के चेहरे, स्वभाव और क्रियाएं।
ईश्वर इनके साथ काम करने वालों और काम के लिए आने वाले सभी लोगों को शक्ति प्रदान करे ताकि मनुष्य की खाल में आ धमके इन बात-बात में गुस्सा करने वाले, इंसान को इंसान नहीं समझने वाले, हिंसक, खूंखार और टुकडैल लोमड़ किस्मा लोगों को सहन कर सकें।
