साहित्यिक यात्रा में वापस
साहित्य
8 min read

जगविख्यात हैं जगत माता

Deepak Acharya
Deepak Acharya
February 24, 2025
जगविख्यात हैं जगत माता

मेवाड़ और वागड़ में शक्ति उपासना का इतिहास सदियों पुराना है। इस अंचल में हर कहीं देवी के प्राचीन मन्दिरों और स्थानकों की लम्बी श्रृंखला विद्यमान है। कई देवी मन्दिर अत्यन्त प्राचीन और चमत्कारों से परिपूर्ण हैं जहां सदियों से भक्तों का सैलाब उमड़ता रहा है।

पुराने जमाने में इन प्राचीनतम देवी मन्दिरों को खूब महत्त्व प्राप्त था। राजा-महाराजाओं से लेकर आम लोगों तक के लिए ये देवी मन्दिर श्रद्धा और आस्था के केन्द्र रहे हैं जहां हर किसी की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

उदयपुर से 35 किलोमीटर दूर गिर्वा पंचायत समिति का सरहदी गांव जगत पुरा महत्त्व के श्रद्धा तीर्थ जगत माता मन्दिर के कारण जगप्रसिद्ध है।

यहां देवी का प्राचीन मन्दिर है। मुख्य मन्दिर के गर्भगृह में देवी की पुरातन प्रतिमा प्रतिष्ठित थी लेकिन इसकी चोरी हो जाने के बाद अब इसमें नवीन प्रतिमा स्थापित की गई है।

गर्भ गृह के बाहर की दीवारों के पार्श्व आलीयों में भगवान की प्राचीन कलात्मक मूर्तियां स्थापित हैं जबकि सभा मण्डप में भगवान मंगलमूर्ति विनायक की नृत्य मुद्रा में पुरातन प्रतिमा है। इस प्रकार की मूर्तियां दुर्लभ हैं। मूर्ति तस्करों द्वारा इसे चुराने के प्रयास किए गए लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका, हालांकि इस कोशिश में मूर्ति आंशिक रूप से खण्डित जरूर हो गई।

इस मन्दिर का हर कोना कलात्मक शिल्य स्थापत्य और मूर्ति सौन्दर्य का अन्यतम उदाहरण प्रस्तुत करता है। इसके परिक्रमा क्षेत्र के स्तम्भों का हर कोना देवी-देवताओं, अप्सराओं आदि की मूर्तियां कला वैभव का बखान करता है, वहीं मन्दिर की छत पर कलात्मक आकृतियों से भरा सुन्दर गुम्बद है।

पुरातात्विक और श्रद्धा दोनों ही दृष्टि से जगत के इस मन्दिर की दूर-दूर तक ख्याति है। यहां का सूक्ष्म शिल्प वैभव और प्राचीन स्थापत्य कला को देख हर कोई मुग्ध हो उठता है।