साहित्यिक यात्रा में वापस
साहित्य
8 min read

सर्वोपरि आदर्श शिक्षक परम पूज्य स्वामी श्री रामानन्द सरस्वती जी महाराज

Deepak Acharya
Deepak Acharya
September 5, 2025
सर्वोपरि आदर्श शिक्षक परम पूज्य स्वामी श्री रामानन्द सरस्वती जी महाराज

शिक्षक दिवस पर ज्ञान प्रसार और नई पीढ़ी के सुनहरे भविष्य निर्माण के लिए अहर्निश समर्पित परम पूज्य स्वामी रामानन्द सरस्वती जी महाराज का स्मरण ही अपने आप में दिव्य ऊर्जा स्फुरण करने वाला है।

वे ऐसे परम ज्ञानी और उद्भट विद्वान संत थे जिन्होंने धर्म-अध्यात्म की कीर्तिपताका फहराने के साथ ही बांसवाड़ा में ज्ञानवान नई फसल उगाने का जो बीज बोया, वह आज सर्वत्र पल्लवित, पुष्पित और फलित हो रहा है।

उन्होंने मोहनकॉलोनी स्थित अपने श्री नाथ आश्रम में तपस्यारत रहकर न केवल बच्चों को अपने यहां रखकर पढ़ाया-लिखाया और आवासीय सुविधा दी, बल्कि हजारों विद्यार्थियों का भविष्य सँवारा और उनके पढ़ाये बच्चे आज स्वयं शिक्षाविद् और प्रेरक के रूप में हजारों बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटे हुए हैं।

स्वामी रामानन्द सरस्वती जी हर विषय पर अपना अधिकार रखने के साथ ही कई भाषाओं पर भी अधिकार रखते थे। यही कारण है कि देश और दुनिया के नामी विद्वान और राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के महानुभाव उनसे सीधा सम्पर्क रखते थे।

वैश्विक स्तर के कई आयोजनों में उन्होंने अपनी दिव्यता भरी विद्वत्ता का लोहा मनवाया। उनके पढ़ाए बच्चे और उनके उनके आज भी कई बड़-बड़े पदों पर रहकर समाज और क्षेत्र की सेवा करते दिखाई देते हैं।

सच में ऐसे बिरले व्यक्तित्व, इस महान विभूति को ही सच्चा शिक्षक कहने में हमें गर्व होता है और इनका नाम स्मरण करते हुए गौरव का अनुभव होता है।

शिक्षक दिवस पर महान विभूति स्वामी श्री रामानन्द सरस्वती महाराज का पावन स्मरण करते हुए हम कृतज्ञ बांसवाड़ावासी बेहद अभिभूत हैं।

आज स्वामीजी हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी दैवीय ऊर्जाओं और सूक्ष्म सान्निध्य की तरंगे हमेशा समाज और राष्ट्र के लिए सर्वस्व समर्पण के साथ रम जाने के लिए प्रेरित करती रहती हैं।