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साहित्य
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बहुआयामी व्यक्तित्व श्री ओम सिंह पंवार

Deepak Acharya
Deepak Acharya
April 30, 2023

राजस्थान में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग बहुआयामी प्रतिभाओं से सम्पन्न कर्मयोगियों, विलक्षण मेधा-प्रज्ञा सम्पन्न व्यक्तित्वों और समाज-जीवन के हर क्षेत्र में अपनी पैठ रखने वाली हस्तियों से भरपूर रहा है।

यह विभाग की सबसे बड़ी ख़ासियत है कि इसमें नौकरी करने वाले नौकरशाहों से लेकर तमाम किस्मों और प्रजातियों के शाही नौकरों तक सभी का सीधा सम्पर्क समाज, परिवेश और सम सामयिक धाराओं-उपधाराओं और परिवर्तन के तमाम आयामों से बना रहता है और इस वजह से इनका हर स्तर के व्यक्तियों से सम्पर्क और हर गतिविधि से सामीप्य बना रहता है।

इसलिए इनका सम्पूर्ण जीवन बहुरंगी और बहुरसीय बना रहता है और उसी अनुपात में सभी उत्तरोत्तर लोकप्रियता और विशिष्ट प्रतिष्ठा प्राप्त कर लेते हैं।

समाज से लेकर परिवेश और प्रदेश से लेकर देश-विदेश तक भाग्यविधाताओं और पांचवर्षीय आयु वाली सरकार के कर्णधारों की छवि निर्माण में इस विभाग के योगदान को अन्यतम एवं सर्वोपरि, सर्वश्रेष्ठ एवं सराहनीय माना जाता है।

इसी परंपरा के निष्ठावान कर्मयोगियों में जैसलमेर के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में सहायक प्रशासनिक अधिकारी पद से सेवानिवृत्त श्री ओम सिंह पंवार का नाम अग्रगण्य है जिन्होंने नौकरी ज्वाइन करने से लेकर आज तक विभाग को उल्लेखनीय सेवाएं प्रदान की। श्री पंवार ने 38 वर्ष 8 माह तक इस विभाग को सेवाएं दीं।

उनकी सेवाओं से न केवल विभाग बल्कि जैसलमेर जिला लाभान्वित हुआ। कई राजनेताओं, प्रतिष्ठित व्यवसायियों, मीडियाकर्मियों, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों, विभिन्न संस्थाओं और संगठनों के पदाधिकारियों, संत-महात्माओं, समाजसेवियों से लेकर आम लोगों तक उनका जीवन्त और माधुर्यपूर्ण संबंध बेमिसाल है।

यही वजह है कि जैसलमेर में उनकी अपनी अलग ही छवि है। मेरे दो बार के जैसलमेर कार्यकाल के दौरान् विभागीय दायित्वों के निर्वाह के साथ ही रचनात्मक कार्यों में उनका उल्लेखनीय सहयोग मिला और कार्यकाल के दौरान् अच्छी तरह दायित्वों के निर्वहन का काम कर सका।

घर-परिवार के दायित्वों से भी बढ़कर राज-काज को मानने वाले बिरले व्यक्तित्वों में शुमार श्री ओमसिंह पंवार ने हमेशा कार्यालय के कार्यों और विभागीय दायित्वों के निर्वहन में बेहतरीन कार्यों का उदाहरण पेश करते हुए सौम्य, शालीन और समर्पित राजसेवी की भूमिका निभाते हुए राजधर्म का निर्वाह किया।

यह उनके व्यक्तित्व का सर्वाधिक शुभ्र और अनुकरणीय पक्ष है। आज सरकारी नौकरी में ऐसे लोगों का प्रतिशत कम होता जा रहा है और इस कारण से कार्य संस्कृति का उत्तरोत्तर ह्रास होने लगा है।

श्री ओम सिंह पंवार सर्वधर्म समभाव, सेकुलरिज़्म और सामाजिक समरसता के पोषक व्यक्तित्व हैं। उनके लिए मानवीय संवेदनाएं अहम् रही हैं। श्री कल्याणसिंह सोढ़ा जैसे विपन्न व्यक्ति के प्रति भी संवेदनशील हैं तो अपने स्टाफ के प्रति भी उनका सम्मान हमेशा बना रहा है। उनके कामों की तारीफ हर अधिकारी एवं कर्मचारी करते नहीं अघाते।

उनका समग्र कार्यकाल और माधुर्य से भरा व्यक्तित्व इस विभाग में काम करने वाले नुमाइन्दों और अन्य सभी साठ साला बाड़ों के राज्यकर्मियों के लिए भी अनुकरणीय है।

जाने-माने इतिहासकार एवं लोक संस्कृतिमर्मज्ञ श्री नन्दकिशोर शर्मा, मरुश्री एवं जाने-माने मंच संचालक श्री विजय बल्लाणी, श्री महेन्द्र भाई बाफना, सहायक जनसम्पर्क अधिकारी श्री ईश्वरदान कविया, डॉ. उमेश शर्मा, श्री विकास जाट, श्री राकेश आचार्य, श्री भीमसिंह पंवार, श्री घनश्याम चेजारा, श्री किशोर महाराज, श्री हेमन्त आचार्य, श्री बनारसीदास व्यास, श्री हसन खान कंधारी, श्री आनंद पुरोहित, श्रीमती कंचन बाई, श्री हेमन्त शर्मा, श्रीमती हबीबा, श्री साहू खान, श्री रईस खान, श्री इदरीस खान, श्री शोभसिंह, श्री गंगाराम गर्ग (महाराज) सहित बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों, आयुवर्गों और क्षेत्रों के व्यक्तियों से उनका लगातार सम्पर्क भी रहा और सभी ने उनके माधुर्यपूर्ण व्यवहार, सहकारपूर्ण स्वभाव और कार्यशैली की तारीफ की।

यह हम सभी के लिए गर्व और गौरव का विषय है कि राजकीय सेवाओं के दौरान् नेताओं और अफसरों की मानमानी तथा घृणित राजनीति के कारण कई राजकर्मियों को अपने पूरे जीवन में तबादलों का दंश भुगतना पड़ता रहा है और पारिवारिक संरचना पर दुष्प्रभाव पड़ता है।

लेकिन श्री ओमसिंह पंवार का कार्य ही ऐसा रहा है कि सभी किस्मों और बाड़ों-कबीलों के राजनेताओं से लेकर अफसरों तक की उन पर कृपा रही, सबने उनके कामों को सराहा, इस वजह से पूरा सेवाकाल आनंद और संतोष के साथ जैसलमेर में गुजरा। यह रिकार्ड श्री शंभूदान रत्नू जी के बाद श्री ओमसिंह पंवार के नाम है। जैसाण धरा के इस रत्न को सेवानिवृत्ति पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ।

हम सभी का विश्वास है कि उनके दीर्घकालीन ज्ञान और अनुभवों का लाभ अब जैसलमेर की जनता को प्राप्त होगा तथा समाज-जीवन और क्षेत्र की रचनात्मक गतिविधियों में उनकी भौतिक उपस्थिति के साथ ही विभिन्न सेवाकार्यों में उनका समर्पित सहयोग प्राप्त होता रहेगा।

पुनः मंगलकामनाएं।