जैसलमेर की बहुआयामी हस्ती - श्री आर.के. व्यास


जैसलमेर की धरा पर शायद ही कोई ऎसा व्यक्ति होगा, जो श्री आर.के. व्यास परिचित न हो। हमेशा शुभ्र परिधानों में रहने वाले श्री व्यास के संगी-साथियों के रूप में पेन-डायरी और कैमरा हैं।
जैसलमेर का शायद ही कोई कोना ऎसा बचा होगा, जो इनके कैमरे की दृष्टि से वंचित रह गया हो। जैसलमेर जिले की हर धड़कन इनके कैमरे में कैद होती ही है। इनके बिना हर उत्सव, कार्यक्रम, समारोह और आयोजन अधूरा ही है।
निरन्तर चिन्तन और विचारों के प्रवाह में डूबते-उतराते और नहाते रहने वाले श्री व्यास कहीं भी किसी बीच रास्ते, चौराहे और सर्कल पर अपनी बाईक को रोके हुए पेन से डायरी में कुछ न कुछ नवोदित वैचारिक क्रान्ति के बीज बोते हुए दिखाई दे जा सकते हैं।
इनका कैमरा सामने आते ही हर आम औ‘ खास फोटोसेशन की पोजिशन ले लेते हैं। हर किसी को व्यासजी से फोटो खिंचवाने में दिली आनंद का अनुभव होता है। आपके फोटो भण्डार में जैसलमेर के पिछले कई दशकों की घटनाओं का प्रचुर खजाना मौजूद है। फोटोग्राफी के साथ राजनैतिक, सामाजिक एवं सेवाव्रती स्वयंसेवी गतिविधियों में रमे रहना इनका वह शौक है जो इन्हें हमेशा लोकप्रियता के शिखर पर रखता है।
बहुआयामी व्यक्तित्व और विलक्षण कर्मयोग के धनी श्री आर.के. व्यास पर हर किसी को गर्व और गौरव की अनुभूति होना स्वाभाविक ही है।
