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साहित्य
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अनुभूत प्रयोग - शरीर रक्षा का हनुमान साबर मंत्र

Deepak Acharya
Deepak Acharya
April 27, 2021

शरीर की रक्षा के लिए भगवान श्री हनुमान का यह साबर मंत्र अत्यन्त प्रभावशाली है। प्रातः संध्या पूजन इत्यादि के उपरान्त एक बार हनुमान चालीसा का पाठ कर लें और इसके बाद इस मंत्र का ग्यारह बार श्रद्धा-भक्ति सहित प्रेम से उच्चारण कर लें। इससे रोगों, दुर्घटनाओं तथा आकस्मिक आपदाओं से रक्षा होती है। भगवान श्री हनुमान स्वयं अपने भक्त की रक्षा करते हैं। इसे कई बार आजमाया हुआ है। चन्द्र या सूर्य ग्रहण, दीवाली या होली, हनुमान जयन्ती आदि पर एक माला कर लिए जाने से यह सिद्ध हो जाता है।

जब भी घर से बाहर निकलें, यात्रा पर जाएं, वाहन से सवारी करें, भीड़-भाड़ या अस्पताल में जाने का काम पड़े, इससे पूर्व इस मंत्र का तीन बार जप करके ही घर से बाहर निकलें। इससे हर तरह से अपनी रक्षा होती है। मौजूदा समय में कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच यह मंत्र कारगर है। जिसकी रक्षा स्वयं हनुमानजी करें, उसका कोई क्या बिगाड़ सकता है।

मंत्र यह है -

ॐ नमः वज्र का कोठा, जिसमें पिण्ड हमारा पैठा, ईश्वरी कुंजी, ब्रह्म का ताला, मेरे आठों याम का यति हनुवन्त रखवाला।

इस मंत्र का जप करने वाले सात्ति्वकता और पवित्रता को अपनाएं, पाप कर्म, भ्रष्टाचार, माँसाहार तथा शराब या अन्य किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें। स्वयं के परिश्रम से अर्जित कमाई से खान-पान करें। शुचितापूर्ण जीवनचर्या अपनाएं।